· किसानों की उन्नति: देश के सभी किसानों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक उन्नति के लिए निरंतर प्रयास करना।
· प्राधिकरणों की मनमानी व तानाशाही का विरोध: विभिन्न विकास प्राधिकरणों (Development Authorities), आवास विकास, जिला प्रशासन और अन्य सरकारी प्राधिकरणों द्वारा किसानों और नौजवानों के प्रति की जाने वाली मनमानी, भ्रष्टाचार, दमनकारी नीतियों और तानाशाही के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाना तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कानूनी व शांतिपूर्ण संघर्ष करना।
· नौजवानों का रोजगार और कौशल विकास: ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के नौजवानों (युवाओं) को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास (Skill Development) केंद्र खोलना। युवाओं के लिए नए रोजगार व स्वरोजगार के अवसर पैदा करने के लिए सरकार के समक्ष मांग उठाना और मार्गदर्शन देना।
· नौजवानों के अधिकारों की रक्षा: सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता, समय पर परीक्षा और युवाओं को रोजगार की कानूनी गारंटी दिलाने के लिए शांतिपूर्ण व संवैधानिक संघर्ष करना।
· MSP की गारंटी: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दिलाने के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक प्रयास करना।
· स्वास्थ्य सेवाएँ, अस्पताल एवं जेनरिक मेडिकल स्टोर: ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मुफ्त/रियायती अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र खोलना। ग्रामीण व देहाती क्षेत्रों में सस्ते दामों पर उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयाँ उपलब्ध कराने के लिए 'जेनरिक मेडिकल स्टोर' (Generic Medical Stores / जन औषधि केंद्र) खुलवाना तथा समय-समय पर मुफ्त मेडिकल कैंप लगाना।
· राहत योजनाएं: कर्ज से परेशान किसानों की कर्ज माफी और कृषि कार्यों के लिए बिजली बिल माफी के लिए सरकार के समक्ष मांग उठाना।
· प्रदूषण के खिलाफ आवाज, जैविक खेती एवं पर्यावरण: जैविक खेती व आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देना, पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर पौधे लगाना (वृक्षारोपण)। प्रदूषण फैलाने वाली इंडस्ट्रियों/फैक्ट्रियों को ग्रामीण और रिहायशी इलाकों से दूर कराने के लिए आवाज उठाना व संघर्ष करना ताकि हर नागरिक को शुद्ध हवा में सांस लेने का अपना मौलिक अधिकार मिल सके।
· त्वरित मुआवजा: प्राकृतिक आपदा (बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि आदि) से फसल नुकसान होने पर 48 घंटे के भीतर उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास करना।
· लाभकारी मूल्य: किसानों द्वारा उत्पादित दूध, गन्ना, गेहूं, धान एवं अन्य फसलों का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित कराना।
· FPO, महिला स्वरोजगार एवं लघु उद्योग: किसानों और नौजवानों की आय बढ़ाने और उन्हें व्यापार से जोड़ने के लिए गाँव-गाँव में नए FPO (किसान उत्पादक संगठन) खुलवाना। इसके साथ ही ग्रामीण महिलाओं व युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष रूप से स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाना, उनके लिए सिलाई-कढ़ाई, डेयरी फार्मिंग, लघु व कुटीर उद्योग खुलवाना और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना।
· ग्रामीण वेश्यावृत्ति एवं मानव तस्करी पर पूर्ण रोक: देहाती व ग्रामीण क्षेत्रों के बाईपास, कस्बों, होटलों, ढाबों और गेस्ट हाउसों में अवैध रूप से चल रही 'पेड वेश्यावृत्ति' (Paid Prostitution) और देह व्यापार के अड्डों के खिलाफ पुलिस व प्रशासन के सहयोग से सख्त कार्रवाई व छापेमारी करवाना। मजबूरी या धोखे से इस दलदल में धकेली गई बच्चियों व महिलाओं को रेस्क्यू कराना, अपराधियों को सजा दिलाना तथा पीड़ितों को कानूनी संरक्षण व पुनर्वास की व्यवस्था करना।
· भूमि अधिग्रहण सुरक्षा: भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत किसानों को 4 गुना मुआवजा, प्राधिकरणों से आबादी बैकलीप/अधिग्रहित भूमि का उचित हिस्सा और परिवार के एक नौजवान सदस्य को रोजगार दिलाना सुनिश्चित करना।
· शिक्षा का अधिकार एवं निजी स्कूलों की मनमानी का विरोध: किसानों, नौजवानों और गरीब वर्ग के बच्चों के लिए निःशुल्क या कम फीस वाले स्कूल और प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) के लिए कोचिंग सेंटर खोलना। इसके साथ ही, निजी स्कूलों व कोचिंग संस्थानों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वसूली के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाना।
· टोल प्रथा का विरोध व वाहन अधिकार: किसानों का शोषण करने वाली टोल प्रथा का पुरजोर विरोध करना, किसानों व ग्रामीण युवाओं के निजी व कृषि वाहनों को पूरी तरह टोल मुक्त कराना, ट्रैक्टर को कमर्शियल दायरे से बाहर रखना और ट्रैक्टरों पर परमिट, फिटनेस व 10 साल के बैन जैसे दमनकारी नियमों को खत्म कराने के लिए संघर्ष करना।
· असहायों का कल्याण: समाज के गरीब, बेसहारा और बेबस (बेसहाय) लोगों की आवाज बनना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए सामाजिक व कानूनी मदद प्रदान करना।
· नशामुक्त समाज और खेलकूद को बढ़ावा: ग्रामीण और किसान बाहुल्य क्षेत्रों में नौजवानों को नशे की लत से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाना, गाँव-गाँव में खेल के मैदान, जिम (Gym) व खेल क्लब बनवाना और खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन कराना ताकि युवाओं की ऊर्जा सही दिशा में लगे।
· आपसी भाईचारा: समाज में जाति, धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देना।
भारतीय किसान यूनियन (संपूर्ण भारत)